परीक्षा और सहायता (#8333)

हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! अपनी कृपा और उदारता से मुझे शोक से मुक्त कर दे और अपनी सत्ता और शक्ति से मेरी वेदना को दूर कर दे। हे मेरे ईश्वर! तू देख रहा है कि मैं ऐसे समय में तेरी ओर उन्मुख हूँ जब दुःखों ने मुझे चहुँओर से घेर लिया है। तू स्वामी समस्त अस्तित्व का है, सभी दृश्य तथा अदृश्य पदार्थों पर तेरी छत्रछाया है। मैं याचना करता हूँ तुझसे, तेरे उस नाम पर, जिसके द्वारा तूने मानव-हृदय और आत्माओं को अपने अधीन किया है। मैं याचना करता हूँ तेरी दया के महासागर की उन तरंगों के नाम पर और तेरी असीम कृपालुता के दिवानक्षत्र की प्रभा के नाम पर, कि तू मेरी गिनती उनमें कर जिन्हें कोई भी वस्तु तेरी ओर उन्मुख होने से रोक नहीं सकी है। हे तू जो सभी नामों का स्वामी, आकाशों का सृजनकर्ता है। हे मेरे स्वामी तू  देख रहा है जो तेरे दिवसों में मुझ पर आन पड़ा है। उसके द्वारा मैं तुझसे प्रार्थना करता हूँ जो तेरे नामों का अरुणोदय और तेरे गुणों का उद्गम स्थल है, कि मेरे लिये उसका विधान कर जो मुझे तेरी सेवा में उठ खड़े होने और तेरी महिमा की स्तुति करने के योग्य बना दे। वस्तुतः, तू ही सर्वसामर्थ्‍यवान, सर्वशक्तिशाली है, जो सबकी प्रार्थना सुनता है। तेरे मुखारविन्द के प्रकाश के नाम पर मैं तुझसे याचना करता हूँ कि मुझे मेरे कार्यों में सिद्धि दे, मुझे ऋण-मुक्त कर और मेरी आवश्यकताओं को पूरा कर। तू वह है, जिसकी शक्ति और जिसकी सत्ता का प्रमाण प्रत्येक जिह्वा ने दिया है, जिसकी विभूति और जिसकी प्रभुसत्ता को प्रत्येक विवेकयुक्त हृदय ने स्वीकारा है। तेरे अतिरिक्त अन्य कोई ईश्वर नहीं, जो सबकी सुनता है, सबका दुःखहर्ता है।

-Bahá'u'lláh
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8335)

ईश्वर के अतिरिक्त कठिनाइयों को दूर करने वाला क्या कोई अन्य है? कह दोः ईश्वर की स्तुति हो! वही ईश्वर है! सभी उसके सेवक हैं, तथा सभी उसके आदेश का अनुपालन करते हैं।

-The Báb
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8336)

हे मेरे ईश्वर! मैं तेरी शक्ति की सौगंध देता हूँ कि परीक्षाओं की घड़ी में कोई क्षति न होने दे और असावधानी के पलों में अपनी प्रेरणा से मेरे पगों को सही राह दिखा। तू ही ईश्वर है, जैसा चाहे वैसा करने में समर्थ; कोई भी तेरी इच्छा की राह में बाधा नहीं बन सकता और न ही तेरे उद्देश्य को विफल कर सकता है।

-The Báb
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8337)

हे स्वामी! तू प्रत्येक वेदना का हर्ता और प्रत्येक व्याधि को दूर करने वाला है। तू वह है जो प्रत्येक शोक को दूर करता है, प्रत्येक दास को मुक्त करता है प्रत्येक आत्मा का उद्धारकर्ता। हे स्वामी! अपनी दया के द्वारा मुक्ति प्रदान कर और मुझे अपने ऐसे सेवकों में गिन जिन्होंने मुक्ति पा ली है।

-The Báb
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8338)

कहोः ईश्वर पर्याप्त है, समस्त आकाश एवं धरती पर ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे वह पूरा नहीं कर सकता हो। सत्य ही, वह  ज्ञाता, अवलम्बनदाता, सर्वशक्तिमान है।

-The Báb
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8340)

हे मेरे स्वामी, मेरे ईश्वर! विपत्ति में मेरे आश्रय! आपदा में मेरे ढ़ाल और मेरे शरणस्थल! आवश्यकता के समय मेरे आश्रय और शरण! एकाकीपन में मेरे सखा, वेदना में मेरी सांत्वना और अकेलेपन में मेरे एक स्नेहिल मित्र, मेरे दुःखों की पीड़ा हरने वाले और मेरे पापों के क्षमाकर्ता!
मैं पूरी तरह तेरी ओर उन्मुख हूँ और अपने समर्पित हृदय से, अपनी जिह्वा से तुझसे अत्यन्त विनीत भाव से याचना करता हूँ कि मेरी उस सबसे रक्षा कर जो तेरी इच्छा के विरूद्ध हैं, तेरी दिव्य एकता के चक्र में, और मुझे उन सभी मलिनता से निर्मल कर और तेरे निष्कलंक और शुद्ध कृपा के वृक्ष की छाँव पा सकने  में बाधक है ताकि मैं निष्कलुष, निष्पाप रह सकूँ।
हे स्वामी निर्बल पर, दया कर! रोगी को स्वस्थ कर और अतृप्त को तृप्त कर। उस हृदय को प्रसन्न कर जिसमें तेरे प्रेम की ज्वाला सुलगती हो, उसे अपने दिव्य प्रेम की लौ और चेतना से प्रदीप्त कर। 
दिव्य एकता के वितानों को अपनी पावनता के परिधान से सुसज्जित कर और अपनी कृपादृष्टि का ताज मुझे पहना।
मेरे मुखड़े को अपनी कृपा के प्रभामण्डल से उद्भासित कर और अपनी इस पावन देहरी की सेवा करने में कृपापूर्वक मेरी सहायता कर। 
मेरे हृदय को अपने प्रणियों के प्रेम से सराबोर कर दे ताकि मैं तेरी दया का चिन्ह, तेरे अनुग्रह का प्रतीक और तेरे प्रियजनों में स्नेह-भावना बढ़ाने वाला बन जाऊँ, तेरे प्रति समर्पित हो तेरा ही स्मरण करूँ, अपने अहम् को भूलकर जो कुछ तेरा है उसके प्रति सदा सजग रहूँ।
हे ईश्वर, मेरे ईश्वर ! अपनी अनुग्रह और क्षमा के पवन-झकोरों को मुझ तक आने से न रोक और मुझे अपनी सहायता और कृपा के स्रोतों से वंचित न कर।
अपनी सुरक्षा के पंखों के सहारे मुझे नीड़ बनाने दे और मुझ पर अपने सर्वरक्षक नेत्र की कृपादृष्टि डाल। 
मेरी जिह्वा को जड़ता से मुक्त कर कि तेरे नाम की स्तुति कर सकूँ, ताकि मेरी वाणी विराट सभाओं में उच्च स्वर में गुंजायमान हो और मेरे होठों से तेरी स्तुति का प्रबल प्रवाह बह निकले।
तू ही समस्त सत्य में, अनुकम्पामय, महिमावंत, समर्थ और सर्वशक्तिशाली है।

-`Abdu'l-Bahá
-----------------------

परीक्षा और सहायता (#8341)

वह करुणामय, सर्वकृपालु है! हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! तू मुझे देखता है, तू मुझे जानता है, तू ही मेरी शरण और मेरा आश्रय है, मैंने तेरे अतिरिक्ति किसी अन्य की न कामना की है, न करूंगा। तेरे प्रेम-पथ के सिवा मैंने अन्य किसी पथ पर न पाँव रखा है न रखूँगा। निराशा की अंधियारी रात में मेरी आँखें, अपेक्षा और आशा से भरी हुई, तेरे असीम अनुग्रह के प्रभात की ओर लगी हैं और अरुणोदय की बेला में मेरी मुरझाई हुई आत्मा तेरे सौन्दर्य और तेरी परिपूर्णता के स्मरण से नवस्फूर्ति और शक्ति प्राप्त करती है। जिसे तेरी दया का सहारा है वह एक बूंद भी हो तो असीम महासागर बन जायेगा और जिस पर तेरी स्नेहिल कृपालुता का उमड़ता प्रवाह हो वह तुच्छ धूलकण होकर भी जगमगाता सितारा सा जगमगायेगा।
हे तू पावनता की चेतना! हे तू जो असीम दाता है। अपने इस दीप्त दास को अपनी सुरक्षा में शरण दे।
अस्तित्व के इस संसार में इसे शक्ति दे कि यह तेरे प्रेम में दृढ़ और अडिग रहे और वर दे कि यह पंख टूटे पंछी को स्वर्गिक वृक्ष के नीड़ में शरण और आश्रय पाये।

-`Abdu'l-Bahá
-----------------------

